Rajasthan Tightens Verification To Curb Fake Income Certificates In Free School Admissions

February 24, 2026
written by mujtaba siddique

Welcome to RTE-MP! I’m Mujtaba Siddique, an Education Expert and Content Researcher with 3 years of experience in helping students and parents.

Rajasthan Tightens Verification To Curb Fake Income Certificates In Free School Admissions

Official Update RTE राजस्थान एडमिशन 2026-27: नए नियम लागू

राजस्थान शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के RTE एडमिशन में पारदर्शिता लाने और फर्जी आवेदनों को रोकने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब आवेदन के लिए PAN कार्ड वेरिफिकेशन और स्टैंडर्ड इनकम सर्टिफिकेट फॉर्मेट को अनिवार्य कर दिया गया है।

इस विस्तृत गाइड में हम नए वेरिफिकेशन नियमों, फर्जी दस्तावेजों पर लगने वाली पेनल्टी, और सटीक एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पर चर्चा करेंगे।

⚠️ ध्यान दें: प्राइवेट स्कूलों में 25% EWS कोटे के तहत मुफ्त प्रवेश चाहने वाले माता-पिता इन बदलावों को ध्यान से समझें, ताकि भविष्य में रिजेक्शन या कानूनी कार्रवाई जैसी स्थिति न बने।

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RTE Rajasthan Admission 2026-27: Registration & Eligibility Guide


What Has Changed This Year

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New PAN Card Verification Rule

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पहली बार: PAN कार्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य

एजुकेशन डिपार्टमेंट अब पहली बार RTE एप्लीकेशन के दौरान पेरेंट्स से PAN कार्ड डिटेल्स मांग रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स रिकॉर्ड के आधार पर आपकी वास्तविक आय (Income) का क्रॉस-वेरिफिकेशन करना है।

📌 यदि PAN कार्ड नहीं है?

जिन पेरेंट्स के पास PAN कार्ड नहीं है, उन्हें पोर्टल पर यह स्टेटस ईमानदारी से बताना होगा। हालांकि, आय पर संदेह होने की स्थिति में स्कूल आपसे ITR (Income Tax Return) जैसे अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकते हैं।

🔍 यह बदलाव क्यों ज़रूरी है?

पिछले वर्षों में सिर्फ ‘सेल्फ-अटेस्टेड’ आय प्रमाण पत्र से फ्रॉड के मामले बढ़े थे। PAN की ज़रूरत एक ऑडिट ट्रेल बनाती है जिससे इनकम छिपाना अब नामुमकिन होगा।

⚠️ नियमों का पालन न करने के नतीजे:
संदिग्ध इनकम क्लेम वाले आवेदनों की गहन जांच की जाएगी। गलत जानकारी देने पर प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय आपका एप्लीकेशन रिजेक्ट किया जा सकता है।

Standardized Certificate Format

इनकम सर्टिफिकेट अब रेवेन्यू डिपार्टमेंट के तय फॉर्मेट के हिसाब से होने चाहिए। पहले के सिस्टम में अलग-अलग फॉर्मेट की इजाज़त थी, जिससे कन्फ्यूजन होता था और डॉक्यूमेंट में हेरफेर हो जाता था।

असल दुनिया में असर: माता-पिता को ऑथराइज़्ड तहसीलदार या SDM से नए सर्टिफिकेट लेने होंगे। पुराने फ़ॉर्मेट या अप्रैल 2025 से पहले जारी किए गए सर्टिफिकेट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अगर माता-पिता को 20 फरवरी को एप्लीकेशन विंडो खुलने के बाद फ़ॉर्मेट में कोई दिक्कत मिलती है, तो इससे एप्लीकेशन में देरी होती है।

ITR Verification Authority

प्रोसेस का मतलब: माता-पिता को फाइनेंशियल रिकॉर्ड ठीक से रखने चाहिए। बताई गई इनकम और बैंक ट्रांज़ैक्शन में अंतर होने पर ITR रिक्वेस्ट आ सकती हैं, जिससे वेरिफिकेशन का टाइम 7-15 दिन बढ़ सकता है।


Penalties for Fake Documents

Double Fee Recovery

⚠️ फर्जी दस्तावेज़: भारी पेनल्टी और कानूनी कार्रवाई

यदि कोई पेरेंट फर्जी इनकम सर्टिफिकेट जमा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उन्हें स्कूल की रेगुलर फीस का दोगुना (2x) पेनल्टी के रूप में देना होगा। इसके साथ ही बच्चे का एडमिशन तुरंत कैंसिल कर दिया जाएगा।

💰 पेनल्टी का गणित (उदाहरण):

स्कूल की सालाना फीस₹50,000
कुल रिकवरी (2x पेनल्टी सहित)₹1,00,000

📖 केस स्टडी: जयपुर (2024)

2024 में जयपुर के एक पेरेंट ने फर्जी इनकम सर्टिफिकेट से एडमिशन लिया था। स्कूल के प्रॉपर्टी ओनरशिप रिकॉर्ड वेरिफिकेशन में पता चला कि परिवार की असली आय ₹8 लाख से अधिक है। कोर्ट के आदेश पर उन पर ₹1,20,000 की पेनल्टी लगाई गई।

नोट: यह पेनल्टी उन खर्चों की रिकवरी है जो फर्जी दावों के कारण स्कूल ने मुफ्त शिक्षा पर खर्च किए, साथ ही इसमें प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई का खर्च भी शामिल है।

FIR and Legal Prosecution

स्कूल नकली डॉक्यूमेंट जमा करने वाले पेरेंट्स के खिलाफ FIR फाइल कर सकते हैं। चार्ज में आमतौर पर IPC सेक्शन 463-465 के तहत जालसाजी और सेक्शन 420 के तहत धोखाधड़ी शामिल है।

कानूनी नतीजा: दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। दोषी पाए जाने के बिना भी, FIR रजिस्टर करने से परमानेंट क्रिमिनल रिकॉर्ड बन जाता है, जिससे नौकरी और ट्रैवल डॉक्यूमेंटेशन पर असर पड़ता है।

Admission Cancellation Protocol

धोखाधड़ी साबित होने पर एडमिशन तुरंत खत्म कर दिया जाता है। बच्चा साल के बीच में या सेशन शुरू होने से पहले ही अपनी एकेडमिक सीट खो देता है, जिससे पढ़ाई में रुकावट आती है।

टाइमलाइन रिस्क: वेरिफिकेशन मार्च-अप्रैल में होता है। इस स्टेज पर कैंसलेशन से दूसरे एडमिशन के लिए काफी समय नहीं बचता, जिससे एक एकेडमिक साल बर्बाद हो सकता है।


Who Can Apply and Key Requirements

Income and Category Eligibility

EWS कैटेगरी के लिए परिवार की सालाना इनकम ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए। पिछड़े ग्रुप में SC/ST स्टूडेंट, अनाथ, HIV/कैंसर से प्रभावित बच्चे, युद्ध में शहीद हुए लोगों की विधवाओं के बच्चे और 40% या उससे ज़्यादा विकलांगता वाले विकलांग बच्चे शामिल हैं।

वेरिफिकेशन के लिए ज़रूरी बात: इनकम कैलकुलेशन में परिवार के सभी कमाने वाले सदस्य शामिल होते हैं। माता-पिता अक्सर खेती से होने वाली इनकम या फ्रीलांस कमाई को छोड़कर गलत कैलकुलेशन करते हैं, जिससे एलिजिबिलिटी को लेकर झगड़े होते हैं।

Age Criteria for 2026-27

ClassAge Requirement (as of July 31, 2026)
Pre-Primary 3+3 years to less than 4 years
Pre-Primary 4+4 years to less than 5 years
Pre-Primary 5+5 years to less than 6 years
Class 16 years to less than 7 years

रिजेक्शन का आम कारण: माता-पिता 31 जुलाई के कटऑफ के बजाय कैलेंडर साल का इस्तेमाल करके उम्र की गलत गिनती करते हैं। अगस्त 2020 में पैदा हुए बच्चे क्लास 1 के लिए क्वालिफ़ाई करते हैं; जुलाई 2020 में पैदा हुए बच्चे नहीं।

Catchment Area Restrictions

एप्लिकेंट को उसी ग्राम पंचायत (रूरल) या अर्बन लोकल बॉडी (अर्बन) में रहना होगा जहाँ टारगेट स्कूल है। मेरिट की परवाह किए बिना क्रॉस-ज़ोन एप्लीकेशन अपने आप रिजेक्ट हो जाते हैं।

वेरिफिकेशन का तरीका: स्कूल, स्कूल ज़ोन मैप से रेजिडेंस सर्टिफिकेट का मिलान करते हैं। हाल ही में हुए एड्रेस बदलावों के लिए छह महीने का रेजिडेंस प्रूफ चाहिए, ताकि आखिरी समय में ज़ोन जंपिंग न हो।


Application Timeline and Process

Critical Dates for 2026-27

ऑनलाइन एप्लीकेशन 20 फरवरी, 2026 को शुरू होंगे और 4 मार्च, 2026 को बंद हो जाएंगे। कंप्यूटराइज्ड लॉटरी 6 मार्च, 2026 को होगी। चुने गए कैंडिडेट्स का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 13-21 मार्च, 2026 तक होगा। खाली सीटों के लिए दूसरे फेज का अलॉटमेंट 27 मार्च, 2026 को होगा।

तुरंत एक्शन ज़रूरी: पेरेंट्स को अप्लाई करने से पहले डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा कर लेने चाहिए। 14-दिन का टाइम सर्टिफ़िकेट की गलतियों को ठीक करने या गायब PAN कार्ड पाने के लिए लिमिटेड टाइम देता है।

Step-by-Step Application Process

📝 आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

RTE ऑनलाइन फॉर्म भरने की पूरी विधि

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पोर्टल पर विजिट करें

सबसे पहले rajpsp.nic.in पर जाएं और “स्टूडेंट ऑनलाइन एप्लीकेशन” लिंक पर क्लिक करें।

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रजिस्ट्रेशन और अकाउंट

अपने चालू मोबाइल नंबर और आधार-लिंक्ड वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करके अपना अकाउंट बनाएं।

3

डिटेल्स और स्कूल चयन

बच्चे की जानकारी भरें, फोटो अपलोड करें और अपनी पसंद के 10 स्कूलों को प्राथमिकता (Priority Order) में चुनें।

4

जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें

  • बर्थ सर्टिफिकेट (जन्म प्रमाण पत्र)
  • इनकम सर्टिफिकेट (रेवेन्यू फॉर्मेट में)
  • रेजिडेंस प्रूफ (मूल निवासी प्रमाण पत्र)
  • पैन कार्ड या डिक्लेरेशन
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
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सबमिट और प्रिंट

फॉर्म सबमिट करके एक्नॉलेजमेंट प्रिंट करें। अपने एप्लीकेशन नंबर को सुरक्षित रखें ताकि आप स्टेटस ट्रैक कर सकें।

⚠️ वेरिफिकेशन की तैयारी (13-21 मार्च)

यदि आपका चयन हो जाता है, तो अलॉटेड स्कूल में ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और एक फोटोकॉपी सेट लेकर जरूर जाएं। इसके बिना प्रवेश रद्द हो सकता है।


Common Mistakes That Cause Rejection

Document Format Errors

2025 से पहले के इनकम सर्टिफिकेट फ़ॉर्मैट इस्तेमाल करने पर ऑटोमैटिक रिजेक्शन हो जाता है। सर्टिफिकेट पर रेवेन्यू डिपार्टमेंट के QR कोड और ऑथराइज़्ड सिग्नेचर दिखने चाहिए।

बचाव: अप्लाई करने से पहले लोकल तहसीलदार ऑफ़िस में सर्टिफिकेट फ़ॉर्मैट वेरिफ़ाई करें। ई-मित्र ऑपरेटर पर भरोसा न करें जो पुराने टेम्प्लेट इस्तेमाल कर सकते हैं।

Income Calculation Mistakes

परिवार के सदस्यों की कमाई को शामिल न करना या ग्रॉस इनकम के बजाय नेट इनकम का इस्तेमाल करना एलिजिबिलिटी वायलेशन बनाता है।

उदाहरण: एक परिवार जो सैलरी से ₹2.4 लाख बताता है, लेकिन ₹60,000 खेती से होने वाली इनकम को छोड़ देता है, वह असल में ₹2.5 लाख की लिमिट से ज़्यादा है, जिससे वह इनएलिजिबल हो जाता है।

Catchment Area Violations

अपने ज़ोन के बाहर के जाने-माने स्कूलों में अप्लाई करने से प्रिफरेंस स्लॉट बर्बाद होते हैं। सिस्टम लॉटरी पर विचार करने से पहले क्रॉस-ज़ोन एप्लीकेशन को ऑटो-रिजेक्ट कर देता है।

वेरिफिकेशन टिप: स्कूल चुनने से पहले emitra.gov.in पर अपने ग्राम पंचायत/ULB जूरिस्डिक्शन को चेक करें।


The e-Mitra Fraud Problem

How Fake Certificates Were Generated

पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि बेईमान ई-मित्र ऑपरेटर्स ने नकली डॉक्यूमेंट्स बनाने वालों के साथ मिलकर गलत इनकम लेवल दिखाने वाले इनकम सर्टिफिकेट बनाए। ऑपरेटर्स ने इन नकली डॉक्यूमेंट्स के लिए ₹500-2,000 चार्ज किए।

पता लगाने में मुश्किल: स्कूलों में ई-मित्र सर्टिफिकेट्स को ऑथेंटिकेट करने के लिए वेरिफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी थी, जिससे फिजिकल वेरिफिकेशन में गड़बड़ियां सामने आने तक बड़े पैमाने पर फ्रॉड होता रहा।

New Safeguards

रेवेन्यू डिपार्टमेंट के फ़ॉर्मेट में एन्क्रिप्टेड QR कोड शामिल हैं जिन्हें ऑनलाइन वेरिफ़ाई किया जा सकता है। स्कूल सीधे जारी करने वाली अथॉरिटी से सर्टिफ़िकेट की असलियत की जांच कर सकते हैं।

पेरेंट्स की सुरक्षा: सर्टिफ़िकेट सिर्फ़ ऑथराइज़्ड ई-मित्र कियोस्क से या सीधे तहसीलदार ऑफ़िस से लें। सबमिट करने से पहले QR कोड स्कैन वेरिफ़ाई करें।


What If You Face Problems

School Refusal Despite Selection

अगर लॉटरी सिलेक्शन के बाद स्कूल एडमिशन देने से मना करते हैं, तो तुरंत ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) या डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO) से संपर्क करें। 72 घंटे की शिकायत विंडो में तुरंत कार्रवाई की ज़रूरत होती है।

डॉक्यूमेंटेशन: लॉटरी सिलेक्शन, एप्लीकेशन एक्नॉलेजमेंट और वेरिफिकेशन अपॉइंटमेंट की प्रिंटेड कॉपी रखें। अगर स्कूल प्रोसेस में रुकावट डालते हैं तो ये सही सिलेक्शन साबित करते हैं।

Document Verification Disputes

जब स्कूल RTE के नियमों के अलावा और डॉक्यूमेंट मांगते हैं, तो माता-पिता CBEO (क्लस्टर ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) से अपील कर सकते हैं। हालांकि, PAN कार्ड और ITR रिक्वेस्ट अब 2026-27 की गाइडलाइंस के तहत मंज़ूर हैं।

कम्प्लायंस स्ट्रेटेजी: वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट में तुरंत सहयोग करें। 21 मार्च की डेडलाइन के बाद देरी होने पर ऑटोमैटिक कैंसलेशन और दूसरे फेज़ में वापस ले लिया जाएगा।


Frequently Asked Questions

Q1: Is PAN card absolutely mandatory for RTE admission?

अगर आपके पास PAN कार्ड है, तो उसे देना ज़रूरी है। जिन पेरेंट्स के पास PAN कार्ड नहीं है, उन्हें एक डिक्लेरेशन देना होगा, लेकिन स्कूल वेरिफिकेशन के दौरान इनकम टैक्स रिटर्न या एक्स्ट्रा इनकम प्रूफ मांग सकते हैं।

Q2: What income certificate format is valid for 2026-27?

सिर्फ़ राजस्थान रेवेन्यू डिपार्टमेंट के 2025-26 के तय फ़ॉर्मैट के हिसाब से सर्टिफ़िकेट ही माने जाएँगे। इनमें QR कोड और खास सिक्योरिटी मार्किंग होती है। अप्रैल 2025 से पहले जारी किए गए या पुराने फ़ॉर्मैट का इस्तेमाल करने वाले सर्टिफ़िकेट अमान्य हैं।

Q3: Can I apply to schools outside my residential zone?

नहीं। कैचमेंट एरिया का नियम सख्ती से लागू होता है। स्कूल की ग्राम पंचायत या अर्बन लोकल बॉडी के बाहर से आए एप्लीकेशन अपने आप रिजेक्ट हो जाते हैं। अप्लाई करने से पहले अपने अधिकार क्षेत्र को वेरिफाई करें।

Q4: What happens if my income certificate shows incorrect income?

अगर वेरिफिकेशन में पता चलता है कि असल इनकम ₹2.5 लाख से ज़्यादा है, तो आपका एडमिशन कैंसल कर दिया जाएगा, दोगुनी फीस वसूली जाएगी, और FIR भी हो सकती है। पक्का करें कि परिवार की सभी कमाई मिलाकर इनकम का सही हिसाब हो।

Q5: How do I verify my income certificate is genuine?

किसी भी QR स्कैनर का इस्तेमाल करके अपने सर्टिफिकेट पर QR कोड स्कैन करें। यह आपके सर्टिफिकेट की डिटेल्स दिखाने वाले ऑफिशियल राजस्थान रेवेन्यू डिपार्टमेंट वेरिफिकेशन पोर्टल पर रीडायरेक्ट करेगा। मिसमैच होने पर यह नकली होने का संकेत देता है।

Q6: What if I don’t have documents in my name?

रहने का सबूत माता-पिता के नाम पर हो सकता है, साथ में रिश्ते का डॉक्यूमेंट भी हो सकता है। इनकम सर्टिफिकेट में बच्चे के गार्जियन का नाम होना चाहिए। बर्थ सर्टिफिकेट डॉक्यूमेंट लिंकेज के लिए माता-पिता और बच्चे के रिश्ते को पक्का करते हैं।

Q7: Can schools charge any fees for RTE admissions?

नहीं। RTE एडमिशन पूरी तरह से फ्री हैं, जिसमें ट्यूशन, किताबें और यूनिफॉर्म शामिल हैं। “डेवलपमेंट फीस” या “डोनेशन” मांगने वाले स्कूल RTE एक्ट के नियमों का उल्लंघन करते हैं। ऐसी मांगों की रिपोर्ट तुरंत DEO को करें।

Q8: What is the penalty for submitting fake caste certificates?

जाली जाति सर्टिफिकेट पर भी इनकम फ्रॉड जैसी ही सज़ा होती है: एडमिशन कैंसिल होना, डबल फीस वसूली, और जहां लागू हो, वहां SC/ST प्रिवेंशन ऑफ़ एट्रोसिटीज़ एक्ट के तहत क्रिमिनल केस।

Q9: How long does document verification take?

अगर डॉक्यूमेंट्स सही हैं, तो स्कूल लेवल पर वेरिफिकेशन आमतौर पर 15-30 मिनट में पूरा हो जाता है। मुश्किल मामलों में ITR रिव्यू या BEO कंसल्टेशन की ज़रूरत होती है, इसमें 3-5 वर्किंग डेज़ लग सकते हैं।

Q10: Can I reapply if rejected in the first phase?

हाँ। खाली सीटों के लिए 27 मार्च, 2026 को दूसरे फेज़ की लॉटरी होगी। रिजेक्ट हुए कैंडिडेट एप्लीकेशन में बदलाव करके दोबारा एंट्री कर सकते हैं, हालांकि पहली बार अप्लाई करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।


Author Expertise

यह आर्टिकल एजुकेशन पॉलिसी एनालिस्ट ने तैयार किया है, जिन्हें RTE लागू करने की मॉनिटरिंग और पेरेंट एडवोकेसी का सीधा अनुभव है। यह एनालिसिस राजस्थान एजुकेशन डिपार्टमेंट के ऑफिशियल नोटिफिकेशन, राइट टू एजुकेशन एक्ट के नियमों और 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए बनाए गए वेरिफिकेशन प्रोटोकॉल से लिया गया है। सभी प्रोसेस, तारीखें और पेनल्टी फरवरी 2026 तक की मौजूदा रेगुलेटरी ज़रूरतों को दिखाते हैं।

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