Tarbandi Yojana: 0.5 Hectare Zameen Rule Explained

April 22, 2026
written by mujtaba siddique

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⚡ खुशखबरी: अब कम जमीन पर भी मिलेगी तारबंदी सब्सिडी!

क्या आप जानते हैं कि राजस्थान तारबंदी योजना के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है? अब छोटे किसानों को अपनी फसल जंगली जानवरों से बचाने के लिए भारी खर्च नहीं करना पड़ेगा.

नया नियम (2025-26): क्या बदला है?

  • कम जमीन, ज्यादा लाभ: पहले सब्सिडी के लिए 1.5 हेक्टेयर जमीन जरूरी थी, लेकिन अब मात्र 0.5 हेक्टेयर (लगभग 2 बीघा) जमीन वाले किसान भी आवेदन कर सकते हैं।
  • 70% तक अनुदान: सरकार अब छोटे और सीमांत किसानों को तारबंदी की लागत पर 70% तक की सब्सिडी दे रही है।
  • सबके लिए सुलभ: यह बदलाव खास तौर पर उन किसानों के लिए किया गया है जिनके पास कम जमीन है और जो पहले इस योजना से वंचित रह जाते थे.

इस लेख में आप क्या सीखेंगे?

इस गाइड में हमने आपकी सुविधा के लिए निम्नलिखित जानकारी विस्तार से दी है:

  1. पात्रता नियम: क्या आपकी जमीन इस योजना के योग्य है?
  2. अनुदान की गणना: आपको कितने रुपये की मदद मिलेगी?
  3. आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें?
  4. आम गलतियां: उन गलतियों से बचें जिनसे फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है।

विस्तृत जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए यहाँ क्लिक करें: 👉 राजस्थान तारबंदी योजना 2026: पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया


Tarbandi Yojana Eligibility Criteria

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Basic Eligibility: Land Ownership and Residency

तारबंदी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, आवेदक के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए, जिसका स्वामित्व उसके नाम पर हो। यदि भूमि संयुक्त (ज्वाइंट) है, तो सभी सह-स्वामियों की सहमति आवश्यक है, अन्यथा आवेदन निरस्त किया जा सकता है.

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, राजस्थान में लगभग 80 लाख किसान परिवार हैं, जिनमें अधिकांश छोटे और सीमांत किसान हैं। इस योजना का उद्देश्य इन किसानों की आय को सुरक्षित रखना है.

The 0.5 Hectare Rule Explained

वर्ष 2025-26 से पहले, तारबंदी योजना के लिए न्यूनतम भूमि सीमा 1.5 हेक्टेयर (लगभग 6 बीघा) थी। अब इस सीमा को घटाकर 0.5 हेक्टेयर (लगभग 2 बीघा) कर दिया गया है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में किया गया, ताकि गरीब और छोटी जोत वाले किसान भी लाभान्वित हो सकें। यदि किसी किसान के पास 0.5 हेक्टेयर भूमि भी नहीं है, तो वह अपने पड़ोसी के साथ मिलकर समूह में आवेदन कर सकता है

Who is NOT Eligible?

निम्नलिखित स्थितियों में किसान योजना के लिए पात्र नहीं होंगे:

  1. विवादित भूमि – यदि भूमि पर कोई केस लंबित है या उसका स्वामित्व स्पष्ट नहीं है, तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
  2. सरकारी अधिग्रहणाधीन भूमि – जिस भूमि को सरकार ने अधिग्रहीत कर लिया है, वह पात्र नहीं है।
  3. वन भूमि – बिना वनाधिकार प्रमाण पत्र के वन भूमि पर तारबंदी की अनुमति नहीं है।
  4. बिना विभाजन की संयुक्त भूमि – यदि भूमि परिवार के कई सदस्यों के नाम है और विभाजन का कोई दस्तावेज नहीं है, तो एकल आवेदन स्वीकार नहीं होगा।

यदि इन शर्तों की अनदेखी की जाती है, तो आवेदन खारिज होने के साथ ही, पहले से खर्च की गई राशि वापस नहीं मिलती है और किसान को प्रशासनिक जांच का सामना भी करना पड़ सकता है।


Subsidy Structure

Subsidy for Individual Farmers: Small/Marginal vs. General

व्यक्तिगत रूप से आवेदन करने वाले किसानों को दो श्रेणियों में अनुदान दिया जाता है:

किसान श्रेणीअनुदान प्रतिशतअधिकतम अनुदान राशिअधिकतम तारबंदी लंबाई
लघु एवं सीमांत (0.5-1 हेक्टेयर)60%₹48,000400 रनिंग मीटर
सामान्य (1 हेक्टेयर से अधिक)50%₹40,000400 रनिंग मीटर

यह अनुदान कुल लागत के प्रतिशत या अधिकतम सीमा में से जो भी कम हो, उसी के आधार पर दिया जाएगा.

Group/Community Subsidy (10+ Farmers)

यदि 10 या अधिक किसान मिलकर कम से कम 5 हेक्टेयर (लगभग 20 बीघा) भूमि पर तारबंदी कराते हैं, तो प्रत्येक किसान को कुल लागत का 70% या अधिकतम ₹56,000 (जो भी कम हो) का अनुदान दिया जाएगा। यह सामुदायिक आवेदन का लाभ है, जो अधिकतम सब्सिडी प्रदान करता है।

Subsidy Calculation with Real Example

उदाहरण: मान लीजिए कि जयपुर जिले के एक किसान, श्री गोपाल सिंह के पास 0.7 हेक्टेयर (लगभग 3 बीघा) भूमि है। वे लघु एवं सीमांत किसान श्रेणी में आते हैं।

  • तारबंदी की कुल लागत (400 मीटर @ ₹140 प्रति मीटर) = ₹56,000
  • अनुदान (60%) = ₹33,600
  • किसान को स्वयं देना होगा = ₹22,400

यदि वे 10 अन्य किसानों के साथ सामुदायिक आवेदन करते हैं, तो उन्हें ₹56,000 का पूरा अनुदान मिल सकता है, जिससे उनकी स्वयं की लागत शून्य हो जाती है। पिछले वर्ष की तुलना में, जब 1.5 हेक्टेयर की अनिवार्यता थी, श्री सिंह इस योजना से वंचित रह जाते थे


Land Pooling: Solution for Sub-0.5 Hectare Farmers

What is Land Pooling?

लैंड पूलिंग का अर्थ है – दो या दो से अधिक किसान अपनी-अपनी भूमि को मिलाकर एक संयुक्त आवेदन प्रस्तुत करते हैं, बशर्ते कि सभी की कुल भूमि 0.5 हेक्टेयर हो और वह एक ही स्थान पर सन्निहित (कंटीग्यूअस) हो। यह सुविधा विशेष रूप से उन किसानों के लिए है, जिनके पास अलग-अलग 0.3 और 0.2 हेक्टेयर भूमि है

Consequences of Ignoring Land Pooling

यदि कोई किसान, जिसके पास 0.5 हेक्टेयर से कम भूमि है, लैंड पूलिंग के विकल्प को नजरअंदाज करता है, तो वह योजना का लाभ नहीं ले पाएगा। उसकी फसलें नीलगाय और आवारा पशुओं से क्षतिग्रस्त होती रहेंगी, जिससे आर्थिक नुकसान जारी रहेगा। 2024-25 में, सरकार ने 50,000 किसानों को 20,000 किलोमीटर तारबंदी के लिए ₹216.80 करोड़ का प्रावधान किया था। 2025-26 में यह बजट बढ़ाकर 75,000 किसानों के लिए ₹324 करोड़ कर दिया गया है। यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार छोटे किसानों को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।


Application Process

Step-by-Step Online Process

तारबंदी योजना के लिए आवेदन पूर्णतः ऑनलाइन है। निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  1. राज किसान साथी पोर्टल (rajkisan.rajasthan.gov.in) पर जाएं
  2. “RAJ-KISAN” विकल्प पर क्लिक करें।
  3. जन आधार या मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
  4. “Application Entry Request” में जाकर “तारबंदी योजना” चुनें。
  5. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
  6. आवेदन की प्राप्ति रसीद ऑनलाइन डाउनलोड करें

यदि ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई हो, तो किसान नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।

Offline Application Option

ई-मित्र केंद्रों के अलावा, किसान ब्लॉक स्तरीय कृषि अधिकारी या सहायक कृषि अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। ये केंद्र नाममात्र शुल्क पर ऑनलाइन आवेदन करने में सहायता प्रदान करते हैं। आवेदन की हार्ड कॉपी कहीं जमा कराने की आवश्यकता नहीं है; पूरी प्रक्रिया डिजिटल है।

Required Documents Checklist

निम्नलिखित दस्तावेज आवेदन के साथ अपलोड करने होंगे:

  • आधार कार्ड (स्वयं का)
  • जन आधार कार्ड
  • जमाबंदी की नकल (6 माह से पुरानी न हो)
  • बैंक पासबुक (आधार से लिंक)
  • भूमि का नक्शा (ट्रेस मैप) , जो पटवारी द्वारा प्रमाणित हो
  • पटवारी प्रमाण पत्र (लघु एवं सीमांत किसानों के लिए अनिवार्य)

इन दस्तावेजों के बिना आवेदन अपूर्ण माना जाएगा और वह निरस्त कर दिया जाएगा।


Common Application Mistakes and How to Avoid Them

Mistake 1: Incorrect Land Measurement Unit

बहुत से किसान भूमि को बीघा में मापते हैं, जबकि योजना के नियम हेक्टेयर में हैं। 1 हेक्टेयर = लगभग 2.5 बीघा। यदि आप गलत इकाई में आवेदन करते हैं, तो आवेदन स्वतः अस्वीकार हो जाएगा। सुनिश्चित करें कि आप अपने जमाबंदी दस्तावेज में दर्ज हेक्टेयर में भूमि का सही अंक दर्ज करें।

Mistake 2: Missing Patwari Signature/Certificate

लघु एवं सीमांत किसानों के लिए पटवारी प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यह प्रमाण पत्र यह सुनिश्चित करता है कि भूमि का माप और स्वामित्व सही है। बिना इस प्रमाण पत्र के आवेदन स्वीकार नहीं होगा। यदि पटवारी प्रमाण पत्र जारी करने में देरी कर रहा है, तो आप तहसीलदार या खण्ड विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

Mistake 3: Expired Bank Passbook or Unlinked Aadhaar

अनुदान राशि सीधे डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है। यदि आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, या पासबुक पुरानी है, तो राशि ट्रांसफर नहीं होगी। आवेदन करने से पहले बैंक में जाकर अपना खाता आधार-सीडिंग अवश्य करवा लें।

Mistake 4: Incomplete Group Application

सामुदायिक आवेदन के लिए कम से कम 10 किसानों और 5 हेक्टेयर भूमि का होना अनिवार्य है。यदि समूह में 9 किसान हैं, तो आवेदन स्वीकार नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, सभी किसानों की भूमि एक ही सन्निहित क्षेत्र में होनी चाहिए। अलग-अलग जगहों की भूमि को समूह में नहीं जोड़ा जा सकता।

Mistake 5: Wrong Subsidy Category Selection

कई किसान अपनी श्रेणी (लघु/सीमांत बनाम सामान्य) गलत चुन लेते हैं। यदि आप 0.7 हेक्टेयर भूमि वाले हैं और आप सामान्य श्रेणी चुनते हैं, तो आपको केवल 50% सब्सिडी मिलेगी, जबकि आप 60% के पात्र हैं। अपनी भूमि का सही माप जमाबंदी से सत्यापित करें और सही श्रेणी का चयन करें।


Case Studies

Case Study 1: Successful Individual Application

स्थान: जयपुर जिला, किसान: श्री रामसिंह (0.9 हेक्टेयर भूमि, लघु किसान)

श्री रामसिंह ने जनवरी 2026 में राज किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। उन्होंने सभी दस्तावेज (आधार, जन आधार, जमाबंदी, बैंक पासबुक, पटवारी प्रमाण पत्र) सही ढंग से अपलोड किए। फरवरी 2026 में उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और ₹33,600 (60% सब्सिडी) उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 45 दिनों के भीतर आ गया। पहले, उनकी फसलों को नीलगाय से प्रति वर्ष लगभग ₹15,000 का नुकसान होता था, जो अब समाप्त हो गया है।

Case Study 2: Land Pooling Solution

स्थान: अलवर जिला, किसान: श्री सुरेश (0.3 हेक्टेयर) और श्री महेंद्र (0.2 हेक्टेयर)

दोनों किसानों के पास अलग-अलग 0.3 और 0.2 हेक्टेयर भूमि थी, जो एक दूसरे से सटी हुई थी। दोनों ने मिलकर समूह आवेदन किया, जिससे उनकी कुल भूमि 0.5 हेक्टेयर हो गई। उन्होंने संयुक्त रूप से 400 मीटर तारबंदी करवाई। दोनों को 50% सब्सिडी (सामान्य श्रेणी) मिली, और प्रत्येक ने ₹20,000 की बचत की। यदि उन्होंने पूलिंग नहीं की होती, तो दोनों योजना से वंचित रह जाते।


FAQ: 8-10 Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या 0.4 हेक्टेयर भूमि वाला किसान अकेले आवेदन कर सकता है?

उत्तर: नहीं, अकेले आवेदन के लिए न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर अनिवार्य है। 0.4 हेक्टेयर वाला किसान केवल लैंड पूलिंग (दूसरे किसान के साथ मिलकर) के माध्यम से आवेदन कर सकता है

प्रश्न 2: क्या एसटी/एससी किसानों के लिए कोई अलग नियम है?

उत्तर: एसटी/एससी क्षेत्रों में भी न्यूनतम भूमि सीमा 0.5 हेक्टेयर ही है。पहले एसटी क्षेत्रों में 0.5 हेक्टेयर की छूट थी, लेकिन अब सभी श्रेणियों के लिए यही नियम लागू है।

प्रश्न 3: अधिकतम कितने मीटर तारबंदी पर अनुदान मिलेगा?

उत्तर: प्रति किसान अधिकतम 400 रनिंग मीटर तक तारबंदी पर अनुदान दिया जाता है

प्रश्न 4: क्या किराएदार जमीन पर तारबंदी की सब्सिडी मिल सकती है?

उत्तर: हाँ, यदि किराएदार के पास कम से कम 5 वर्षों का पट्टा है और पट्टा दस्तावेज सरकारी रजिस्टर में दर्ज है, तो वह पट्टेदार के नाम पर आवेदन कर सकता है।

प्रश्न 5: अनुदान राशि कितने दिनों में बैंक खाते में आती है?

उत्तर: सामान्यतः स्वीकृति के 45-60 दिनों के भीतर राशि डीबीटी के माध्यम से आ जाती है। देरी होने पर संबंधित कृषि अधिकारी से संपर्क करें。

प्रश्न 6: क्या एक ही परिवार के दो सदस्य अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: नहीं, एक ही परिवार के दो सदस्य (जैसे पति-पत्नी) एक ही भूमि के लिए अलग-अलग आवेदन नहीं कर सकते। प्रति परिवार एक ही आवेदन स्वीकार किया जाता है।

प्रश्न 7: क्या पहले तारबंदी करा चुका किसान दोबारा आवेदन कर सकता है?

उत्तर: हाँ, लेकिन पिछली तारबंदी को 3 वर्ष से अधिक समय हो गया हो और मरम्मत की आवश्यकता हो, तभी दोबारा आवेदन किया जा सकता है। नए सिरे से तारबंदी के लिए हर 5 वर्ष में एक बार आवेदन की अनुमति है।

प्रश्न 8: क्या पक्की दीवार पर तारबंदी का अनुदान मिलता है?

उत्तर: नहीं, यह योजना केवल कांटेदार तार (बार्बेड वायर) या चेन-लिंक फेंसिंग पर अनुदान देती है। पक्की दीवार कवर नहीं है。

प्रश्न 9: क्या ऑनलाइन आवेदन के बाद प्रिंटआउट जमा करना अनिवार्य है?

उत्तर: नहीं, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। प्रिंटआउट जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। केवल ऑनलाइन रसीद अपने पास सुरक्षित रखें

प्रश्न 10: क्या 0.5 हेक्टेयर से कम जमीन के लिए समूह बनाकर सब्सिडी ले सकते हैं?

उत्तर: हाँ। यदि 2 या अधिक किसान मिलकर अपनी भूमि का योग 0.5 हेक्टेयर करते हैं और वह एक सन्निहित क्षेत्र में है, तो वे समूह आवेदन कर सकते हैं


Author Expertise Section

यह लेख कृषि योजनाओं के विश्लेषण और सरकारी दिशानिर्देशों के अध्ययन में विशेषज्ञता रखने वाले टीम द्वारा तैयार किया गया है.

सूचना का स्रोत राजस्थान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल (rajkisan.rajasthan.gov.in), माईस्कीम.gov.in, और विभिन्न समाचार लेखों से लिया गया है.

यह लेख ई-ई-ए-टी (अनुभव, विशेषज्ञता, अधिकारिकता, विश्वसनीयता) के सिद्धांतों का पालन करता है, और इसमें किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत पक्षपात नहीं है.