Tarbandi Yojana 60% Subsidy: ₹48,000 Ka Hisaab Kaise Karein?

April 24, 2026
written by mujtaba siddique

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Table of Contents

तारबंदी योजना सब्सिडी कैलकुलेशन: ₹48,000 का पूरा हिसाब

राजस्थान तारबंदी योजना के तहत 60% सब्सिडी का कैलकुलेशन 3 मुख्य फैक्टर्स पर निर्भर करता है। कई बार किसान सही जानकारी न होने की वजह से पूरी सब्सिडी नहीं ले पाते.

नीचे दिए गए फॉर्मूले और उदाहरण से समझें कि आपको कितना पैसा मिलेगा:

📊 सब्सिडी के 3 मुख्य फैक्टर्स (Main Factors)

  1. यूनिट कॉस्ट: सरकार ने फेंसिंग की कीमत ₹120 प्रति रनिंग मीटर तय की है.
  2. अधिकतम लंबाई: आप अधिकतम 400 मीटर तक की फेंसिंग पर ही सब्सिडी ले सकते हैं.
  3. सब्सिडी दर: लघु और सीमांत (Small) किसानों के लिए कुल लागत का 60% तय किया गया है.

💰 सब्सिडी कैलकुलेशन फॉर्मूला

सब्सिडी की राशि दो चीजों पर निर्भर करती है, जो भी कम हो वही आपको मिलेगा:

  • असली खर्चे का 60%
  • या अधिकतम ₹48,000

नोट: अगर आप 400 मीटर से ज़्यादा (जैसे 500 या 600 मीटर) फेंसिंग करवाते हैं, तब भी सरकार आपको अधिकतम ₹48,000 ही देगी.


🔢 कैलकुलेशन उदाहरण (Table)

फेंसिंग की लंबाईकुल लागत (लंबाई × ₹120)सब्सिडी राशि (60%)आपको कितना मिलेगा?
200 मीटर₹24,000₹14,400₹14,400
300 मीटर₹36,000₹21,600₹21,600
400 मीटर₹48,000₹28,800₹28,800
अधिकतम सीमा₹80,000₹48,000₹48,000 (Max Limit)

⚠️ आवेदन रिजेक्ट क्यों होता है?

ज़्यादातर किसान कैलकुलेशन समझे बिना ही अप्लाई कर देते हैं.

अगर आपकी फेंसिंग की लंबाई 400 मीटर से कम है, तो आपकी सब्सिडी ऊपर दिए गए उदाहरण के हिसाब से कम हो जाएगी.

इस योजना की पात्रता (Eligibility), दस्तावेज़ और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

👉 राजस्थान तारबंदी योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन और लिस्ट


What is the ₹48,000 Figure in Tarbandi Yojana

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सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, ₹48,000 की राशि किसान को हाथ में मिलने वाली नकद सब्सिडी नहीं है.

यह वह अधिकतम परियोजना लागत है जिस पर सरकार सब्सिडी की गणना करेगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी किसान की कुल फेंसिंग लागत ₹60,000 आती है, तो सरकार केवल ₹48,000 पर ही 60% सब्सिडी लागू करेगी, न कि पूरे ₹60,000 पर।

Why This Confusion Harms Farmers

जब किसान गलत समझ लेते हैं कि उन्हें ₹48,000 नकद मिलेंगे, तो वे बिना बिल के सामान खरीद लेते हैं या गैर-अप्रूव्ड वेंडर से काम करा लेते हैं। परिणामस्वरूप, क्लेम रिजेक्ट हो जाता है या उन्हें अपेक्षा से 40-50% कम राशि मिलती है।

Official Definition from Government Portals

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग और राजस्थान राज किसान साथी पोर्टल के अनुसार, ₹48,000 “ceiling of admissible project cost” है। इसका मतलब है कि भले ही आपकी फेंसिंग ₹1,00,000 की क्यों न हो, सरकार सब्सिडी की गणना अधिकतम ₹48,000 पर ही करेगी।


How 60% Subsidy is Calculated Step by Step

सब्सिडी की गणना चार चरणों में पूरी होती है। हर चरण में एक गणितीय फॉर्मूला लागू होता है। नीचे प्रत्येक चरण को विस्तार से समझाया गया है।

Step 1: Measure Your Fencing Length in Meters

सबसे पहले, आपको अपने खेत की उस परिधि को मापना है जहाँ आप फेंसिंग कराना चाहते हैं। माप केवल रनिंग मीटर में ली जाती है, वर्ग मीटर में नहीं।

क्या होता है यदि आप गलत माप देते हैं: यदि आप 500 मीटर की फेंसिंग कराते हैं लेकिन आवेदन में 400 मीटर लिखते हैं, तो सरकारी निरीक्षक साइट विजिट के दौरान अंतर पकड़ लेता है। इस स्थिति में आपका आवेदन “document mismatch” कोड से रिजेक्ट कर दिया जाता है।

सही तरीका: पटवारी या सर्वेयर से खेत का नक्शा (naksha) बनवाएँ। उस नक्शे पर प्रत्येक साइड की लंबाई जोड़कर कुल रनिंग मीटर निकालें।

Step 2: Apply the Government Fixed Unit Cost

सरकार ने फेंसिंग सामग्री और साधारण श्रम के लिए ₹120 प्रति रनिंग मीटर की दर तय की है। यह दर बाजार दर से कम है।

बाजार दर और सरकारी दर में अंतर: वास्तविक बाजार में, अच्छी क्वालिटी की बार्बेड वायर और पोल की कीमत ₹150-₹180 प्रति मीटर आती है। सरकारी दर ₹120 मानती है। इसका मतलब है कि शेष राशि (₹30-₹60 प्रति मीटर) किसान को अपनी जेब से देनी होगी।

उदाहरण: 400 मीटर फेंसिंग पर सरकारी मान्यता प्राप्त लागत = 400 × ₹120 = ₹48,000। यदि बाजार में यही काम ₹64,000 में होता है, तो अतिरिक्त ₹16,000 किसान वहन करेगा।

Step 3: Calculate 60% of the Eligible Project Cost

अब मुख्य गणना आती है। सरकारी दर के अनुसार कुल प्रोजेक्ट लागत का 60% निकाला जाता है।

फॉर्मूला: (मीटर में लंबाई × ₹120) × 60%

उदाहरण सहित गणना:

  • 300 मीटर: 300 × ₹120 = ₹36,000 → 60% = ₹21,600 सब्सिडी
  • 400 मीटर: 400 × ₹120 = ₹48,000 → 60% = ₹28,800 सब्सिडी
  • 500 मीटर: 500 × ₹120 = ₹60,000 → 60% = ₹36,000 सब्सिडी

Step 4: Apply the ₹48,000 Cap (If Applicable)

तीसरे चरण में निकली सब्सिडी राशि की तुलना ₹48,000 से नहीं, बल्कि अधिकतम परियोजना लागत सीमा ₹48,000 से की जाती है।

महत्वपूर्ण नियम: सब्सिडी राशि कभी भी (मीटर × ₹120 × 60%) से अधिक नहीं हो सकती। साथ ही, सरकार ₹48,000 से अधिक की परियोजना लागत पर सब्सिडी नहीं देगी।

तीन संभावित परिणाम:

  1. 400 मीटर या कम: सब्सिडी = (मीटर × ₹120 × 60%)
  2. 400 मीटर से अधिक लेकिन ₹48,000 प्रोजेक्ट लागत के भीतर: उदाहरण 450 मीटर पर लागत ₹54,000, सब्सिडी ₹32,400 (60% of ₹54,000)
  3. 500 मीटर पर: लागत ₹60,000, लेकिन सरकार केवल ₹48,000 पर 60% यानी ₹28,800 देगी — न कि ₹36,000

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Comparison Table: UP vs Rajasthan Tarbandi Yojana

ParameterUttar PradeshRajasthan
Subsidy for small farmers60% up to ₹48,000 project cost60% up to ₹48,000 project cost
Additional grant₹8,000 (CM Krishak Saathi)None
Group subsidy (10+ farmers)Not available70% up to ₹56,000 per farmer
Minimum land required1 hectare (10,000 sq m)1.5 hectares
Women farmer reservation20%30%
Application portalupagriculture.comRaj Kisan Sathi / e-Mitra
Average approval time30-45 days60-90 days

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Real Calculation Examples Based on Common Scenarios

निम्नलिखित तीन उदाहरण वास्तविक किसानों के सामान्य केस स्टडी पर आधारित हैं। प्रत्येक उदाहरण में अलग-अलग स्थितियाँ दिखाई गई हैं।

Example 1: Small Farmer with Exactly 400 Meters

केस: राजस्थान के अलवर जिले के किसान शंकर के पास ठीक 1.5 हेक्टेयर जमीन है। उन्होंने 400 मीटर बार्बेड वायर फेंसिंग करवाई। बाजार दर ₹150 प्रति मीटर थी।

  • कुल वास्तविक लागत: 400 × ₹150 = ₹60,000
  • सरकारी मान्यता प्राप्त लागत: 400 × ₹120 = ₹48,000
  • सब्सिडी (60% of ₹48,000): ₹28,800
  • किसान का योगदान: ₹60,000 – ₹28,800 = ₹31,200

परिणाम: शंकर को ₹28,800 बैंक खाते में मिले। उन्होंने सोचा था कि ₹48,000 मिलेंगे, लेकिन वास्तविकता अलग थी।

Example 2: Farmer with 250 Meters Only

केस: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक छोटे किसान के पास केवल 0.75 हेक्टेयर जमीन है। उन्होंने 250 मीटर फेंसिंग करवाई।

  • कुल लागत: 250 × ₹120 = ₹30,000 (सरकारी दर से)
  • सब्सिडी (60%): ₹18,000
  • UP अतिरिक्त ₹8,000 ग्रांट: कुल सहायता ₹26,000
  • किसान का योगदान: ₹30,000 – ₹26,000 = ₹4,000

परिणाम: इस किसान को ₹18,000 सब्सिडी + ₹8,000 अलग से मिले। यहाँ ₹48,000 का कैप लागू नहीं हुआ क्योंकि प्रोजेक्ट लागत ही ₹48,000 से कम थी।

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Common Calculation Mistakes That Lead to Rejection

आवेदन में की गई सामान्य गलतियों के कारण हजारों किसानों की सब्सिडी हर साल रिजेक्ट हो जाती है। नीचे पाँच सबसे आम गलतियाँ बताई गई हैं।

Mistake 1: Applying Before Land Survey

कई किसान पटवारी से सर्वे कराए बिना ही आवेदन कर देते हैं। जब निरीक्षक साइट पर जाता है और पाता है कि जमीन का रकबा आवेदन से मेल नहीं खाता, तो आवेदन रिजेक्ट हो जाता है।

Mistake 2: Using Non-Approved Vendor

सरकार ने हर जिले में अप्रूव्ड वेंडर की लिस्ट जारी की है। यदि आप किसी गैर-सूचीबद्ध ठेकेदार से काम करवाते हैं, तो आपका बिल मान्य नहीं होगा।

Mistake 3: Ignoring GST Component in Bill

बिल में GST अलग से दिखना चाहिए। यदि ठेकेदार ने “सामान + लेबर” एक साथ लिखकर कोई अलग राशि बताई है, तो वह बिल सरकारी जांच में फेल हो जाता है।

Mistake 4: Claiming for Land Already Fenced

तरबंदी योजना एक बार की सहायता है। यदि आप पहले से ही फेंसिंग करवा चुके हैं और फिर से सब्सिडी का दावा करते हैं, तो यह धोखाधड़ी मानी जाती है।

Mistake 5: Missing Joint Photograph

आवेदन के साथ आपकी और फेंसिंग की एक साथ फोटो अनिवार्य है। यह फोटो उसी दिन ली जानी चाहिए जिस दिन काम पूरा हुआ हो।

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What Happens If Calculation Is Done Incorrectly

गलत गणना के दो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पहला, आपको अपेक्षा से कम सब्सिडी मिलती है। दूसरा, आपका पूरा आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।

Consequence 1: Lower Subsidy Disbursement

यदि आप 500 मीटर पर ₹48,000 सब्सिडी की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन सरकारी फॉर्मूला लागू करने पर केवल ₹28,800 मिलता है, तो यह अंतर आपकी जेब से भरना पड़ता है। कई किसानों के पास इतनी अतिरिक्त राशि नहीं होती, जिससे वे ठेकेदार को बकाया नहीं चुका पाते।

Consequence 2: Complete Rejection with Cooling Period

गलत गणना के आधार पर गलत राशि का दावा करने पर आवेदन “incorrect claim” श्रेणी में रिजेक्ट होता है। ऐसे में आप उसी वित्तीय वर्ष में दोबारा आवेदन नहीं कर सकते। आपको अगले वर्ष तक इंतजार करना होगा।

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Step-by-Step Actions for Correct Calculation

निम्नलिखित चार कदम आपको सटीक गणना करने और सब्सिडी सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।

Action 1: Get Official Land Measurement First

पटवारी से अपने खेत का नक्शा और माप प्रमाण पत्र प्राप्त करें। यह दस्तावेज़ आवेदन के लिए अनिवार्य है।

Action 2: Request Approved Vendor List from Agriculture Office

अपने जिला कृषि अधिकारी (DAO) कार्यालय से अप्रूव्ड वेंडर की लिस्ट लें। इस लिस्ट से ही ठेकेदार चुनें।

Action 3: Get Itemized Bill with GST Separate

ठेकेदार से मांग करें कि बिल में सामग्री की कीमत, लेबर चार्ज, और GST को अलग-अलग दिखाया जाए।

Action 4: Calculate Using Official Formula Before Submission

नीचे दिए गए फॉर्मूले का उपयोग करके स्वयं गणना करें:

  • चरण A: मीटर × ₹120 = कुल मान्यता प्राप्त लागत
  • चरण B: चरण A का 60% = सब्सिडी राशि
  • चरण C: यदि चरण A > ₹48,000 तो सब्सिडी = ₹48,000 का 60%

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Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1. Kya 60% subsidy ka matlab hai ki mujhe ₹48,000 cash milenge?
नहीं। ₹48,000 अधिकतम परियोजना लागत है जिस पर सब्सिडी लागू होती है। वास्तविक सब्सिडी इस राशि का 60% यानी ₹28,800 है।

Q2. Agar maine 500 meter fencing karwai toh kitni subsidy milegi?
500 मीटर पर सरकारी लागत ₹60,000 होगी। सरकार केवल ₹48,000 पर सब्सिडी देगी। 60% of ₹48,000 = ₹28,800 सब्सिडी।

Q3. Kya main 1 hectare se kam land par ₹48,000 ki subsidy le sakta hoon?
नहीं। ₹48,000 की प्रोजेक्ट लागत सीमा के लिए न्यूनतम 1.5 हेक्टेयर (Rajasthan) या 1 हेक्टेयर (UP) आवश्यक है।

Q4. Kya GST bhi subsidy mein cover hota hai?
नहीं। GST पर सब्सिडी नहीं मिलती। आपको GST राशि अपनी जेब से देनी होगी।

Q5. Subsidy reject hone par appeal kaise karein?
रिजेक्शन लेटर मिलने के 30 दिनों के भीतर जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में लिखित अपील दें। RTI भी दाखिल कर सकते हैं।

Q6. Kya do baar tarbandi subsidy le sakte hain?
नहीं। यह एक बार की सहायता है। पुनः आवेदन धोखाधड़ी माना जाएगा।

Q7. Kya tenant farmer (kirayedar) subsidy le sakta hai?
नहीं। केवल वही किसान जिसके नाम पर जमीन के दस्तावेज हों, आवेदन कर सकते हैं।

Q8. Subsidy bank account mein kab tak aati hai?
आवेदन स्वीकृत होने के 30-90 दिनों के भीतर DBT के माध्यम से खाते में आती है।

Q9. Kya solar fencing par bhi yahi calculation hai?
हाँ। यूनिट कॉस्ट ₹120 प्रति मीटर सोलर फेंसिंग के लिए भी लागू होती है।

Q10. Kya main khud material kharid kar fencing laga sakta hoon?
नहीं। केवल अप्रूव्ड वेंडर द्वारा इंस्टॉलेशन कराने पर ही सब्सिडी मिलती है।

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Author Expertise

यह मार्गदर्शिका कृषि योजनाओं और सब्सिडी गणना प्रक्रियाओं में 8+ वर्षों के अनुभव वाले एक विश्लेषक द्वारा तैयार की गई है। लेखक ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान कृषि विभागों की आधिकारिक गाइडलाइन्स, पोर्टल दस्तावेजों, और सार्वजनिक सूचनाओं का संदर्भ लिया है। यह सामग्री पूरी तरह से सरकारी स्रोतों (upagriculture.com, Raj Kisan Sathi, Krishi Jagran, Kisan Tak) पर आधारित है।